उपयोगिता
सिविल रजिस्ट-वतकयिीकरण प्रणाली को देश की विधिक आवश्यकताओं के अनुरूप किसी आदेश अथवा अधिनियम में परिभाषित तथा उपबंधित जन्म-मृत्यु की घटनाओं और उनके लक्षणों को निरन्तर, स्थायी और अनिवार्य रूप से रिकार्ड करने के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है।
यह सामाजिक स्तर एवं व्यक्तिगत हित को सुरक्षा प्रदान करता है। जन्म-मृत्यु के अभिलेख से व्यक्ति विशेष की पहचान, नाम, पारिवारिक सम्बन्ध, जन्म का स्थान आदि की जो सूचना प्राप्त होती है राष्ट्रीयता निध्रारित करने का मुख्य आधार है।
जन्म प्रमाण पत्र की स्कूल में प्रवेश हेतु आयु को प्रमाणित करने, रोजगार प्राप्त करने, ड्राइविंग लाइसेन्स प्राप्त करने, कानूनी संविदा करने, विवाह आदि के लिए सामन्यत आवश्यकता होती है।
मृत्यु प्रमाण-पत्र उत्तराधिकार सिऱ्ध करने, उम्पत्ति, बीमा तथा सामाजिक सुरक्षा के लाभों के दावे साबित करने में सामान्यत आवश्यक होते है।
प्रशासनिक प्रयोजनों में, जन स्वास्थ्य के कार्यक्रम, माता व शिशु की प्रसव के बाद की देखभाल करने तथा टीके एवं प्रतिरक्षण टीके लगाने आदि के कार्यक्रमों के लिए जन्म के रिकार्ड के आधार है।
मृत्यु के रिकार्ड संक्रामक तथा महामारिक रोगों की व्याप्तता और इन्हें रोकने के लिए तत्काल उठाये जाने वाले कदमों के संकेतको के रूप में उपयोगी है।
इसके अतिरिक्त मृत्यु के अभिलेखों के उपयोग चिकित्सीय अनुसंधान, संक्रामक तथा आनुवांशिक अध्ययन के लिए किया जा सकता है।