इतिहास के झरोखे से अलीगड़
अलीगड़ जनपद गंगा यमुना नदियों के बीच की जमीन पर स्थित है। 18 वीं शताब्दी तक इस जिले का नाम कोल था। अंग्रेजी शासन के बाद, सितम्बर 1803 में अलीगड़ जनपद बनाया गया।
अलीगढ का वातावरण (मौसम) गरम और सूखा होता हैं। अकबर और जहागीर शिकार के लिये कोल जाते थें। और वहा वह अकसर भेडि़या का शिकार करते थे।इस जिले में पहले अधिकतर घने जंगल और बड़ी -झाडि़यां थी।
सन 1524-25 में शहर का नाम मोहम्मदगड़ भी रखा गया। उमर के बेटे मोहम्मद ने यहाँ पर एक दुर्ग का निर्माण करवाया। इस जिले का तब गर्वनर खान था और फारूख सुजर और मोहम्मद शाह का शासन काल था।

साबित खान ने इस दुर्ग का पुन निर्माण कराया और इस शहर का नाम साबितगड़ रखा। अन्तत एक शिया ने इस पर अपना कब्जा कर लिया और इसका नाम अलीगड़ रखा।
अलीगड़ का दुर्ग वास्तुकला का एक उत्कृ-ुनवजयट और अनोखा नमूना है। साबित खान का असली नाम जफर बेग था और उनको साबित खान बहादुर जंग का खिताब फारूख सूजर के द्वारा दिया गया। साबित खान बहुत नरम दिल व्यक्ति था और वह गरीबो का विशेषता ध्यान रखता था।
उनको निर्माण कार्य मे विशेष रूचि थी। उन्होने साबितगड़़ दुर्ग,अल्लाह बख्श का मकबरा,जामा मस्जिद (जलाली की) आदि का पुर्न निर्माण करवाया। यह सभी कार्य उसकी रूचि को चित्रित करते है।