लाइसेन्स विभाग
नगर पालिका के लाइसेंस विभाग के द्वारा लाइसेंस व विज्ञापन से सम्बन्धित कार्य देखा जाता है। लाइसेंस के विभिन्न मदों जैसे रिक्शा, ट-वतकयिाली चार पहिया गाड़ी, ज्वलनशील वस्तुए-पमगबसय, लाउडस्पीकर, आटो, जीप, कार मिनी बस, मदिरा देशी/विदेशी व बियर के वैसे व्यवसायी जो नगर पालिका सीमान्तर्गत व्यापार करते हैं को लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य हैं इसके अलावा शासन के आदेश के द्वारा व-व्बपतबर्य 2003 से 18 नए व्यवसाइयों जैसे मैरेज हाल, कोचिंग सेण्टर,कोरियर सर्विस, केबिल टी0 वी0 आपरेटर ट-वतकयिैवेल एजेन्सीज, ब्यूटी पार्लर ट्रांसपोर्ट एजेन्सी, टाइल्स के वक्रेता, चाय के थोक वक्रेता, कपड़ों, रेडीमेड होजरी के वक्रेता, आभूषणों के वक्रेता, कैटरर्श शामियाना, टेन्ट हाउस, टी0 वी0 एण्ड अन्य इलेक्ट-वतकयिानिक्स, आफसेट प्रिंटिग सेट, मिष्ठान वक्रेता, आयल, मिल, फ्लोर मिल दाल मिल व्यवसायी को लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है।
वर्ष 2003 से शासन के आदेश के तहत निजी रिक्शा चालकों- रिक्शा चालक जिनकी स्वयं का रिक्शा हो और खुद चाहतें हो।.12 का लाइसेंस शुल्क पूर्णत माफ करते हुए बिना कोई शुल्क जमा कराए ही लाइसेंस निर्गत किए जा रहे है, और ईसे लाइसेंस प्राप्त कर्ता की सूची जिला नगरीय विकास अभिकरण को भेजी जाती है ताकि मु-चंतंयत में जीवन बीमा भी किया जा सके।
शहर को ध्वनि प्रदुषण से मुक्त रखने के लिए विभाग के द्वारा लाउडस्पीकर के लाइसेंस निर्गत किए जाते है तथा बजाने की अनुमति जिलाधिकारी महोदय के द्वारा निर्गत की जाती है।
उक्त के सम्बंध में मा0 उच्चतम न्यायालय के द्वरा दी गई व्यवस्था के अनुपालन हेतु विभाग के कर्मचारी तथा उ0 प्र0 प्रदू-व्बपतबयण नियन्त्रण बोर्ड के कर्मचारी के संयुक्त गठित टीम के द्वारा चेकिंग अभियान चलाए जाते है और बिना लाइसेंस/परमीशन के तथा निध्रारित मानक 40 डेसीवल से अधिक आवाज में प्रयोग में लाए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र को जब्त करने व जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही के साथ-साथ मा0 न्यायालय में बाद दाखिल करने की कार्यवाही की जाती है।
लाइसेंस विभाग के द्वारा विज्ञापन से सम्बंधित कार्य देखे जाते है लेकिन उच्च न्यायलय में दायर जनहित याचिका सं0 2547/2005 आनन्द मोहन बनाम यूनियन आफ इण्डिया में पारित आदेश के तहत नगर निगम सीमा के अन्दर चौराहा, सड़क, पटरी, रोड, जंक्शन, सार्वजनिक स्थल पर से होर्डिंग,
बोर्ड, बैनर, पोस्टर पर पूर्णत प्रतिबंधित कर दिए जाने के कारण लगे हुए उक्त विज्ञापन पट को हटाने का कार्य करते हुए नए आवंटन पर पूर्णत प्रतिबंध लगाए गए है तथा जिनके द्वारा आदेश की अवहेलना की जा रही है उनके विरूऱ्ध मा0 न्यायालय में बाद दाखिल की जा रही है।
शहर में आने-जाने वाले यात्रियों-दइेचय के विश्राम के लिए मा0 सदन ब विभाग के अनुमति के द्वारा शहर में कुल 20 स्थलों पर यात्री सेड का निर्माण सेलवेल मीडिया के द्वारा किया गया। ताकि बसों तथा अन्य वाहनों के इन्तजार में खड़े यात्रियों को धूप तथा पानी से सुरक्षा प्राप्त हो सके।
शहर को ध्वनि प्रदुषण से मुक्त रखने के लिए विभाग के द्वारा लाउडस्पीकर के लाइसेंस निर्गत किए जाते है तथा बजाने की अनुमति जिलाधिकारी महोदय के द्वारा निर्गत की जाती है। उक्त के सम्बंध में मा0 उच्चतम न्यायालय के द्वरा दी गई व्यवस्था के अनुपालन हेतु विभाग के कर्मचारी तथा उ0 प्र0 प्रदू-व्बपतबयण नियन्त्रण बोर्ड के कर्मचारी के संयुक्त गठित टीम के द्वारा चेकिंग अभियान चलाए जाते है और बिना लाइसेंस/परमीशन के तथा निध्रारित मानक 40 डेसीवल से अधिक आवाज में प्रयोग में लाए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र को जब्त करने व जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही के साथ-साथ मा0 न्यायालय में बाद दाखिल करने की कार्यवाही की जाती है।
लाइसेंस विभाग के द्वारा विज्ञापन से सम्बंधित कार्य देखे जाते है लेकिन उच्च न्यायलय में दायर जनहित याचिका सं 0 2547/2005 आनन्द मोहन बनाम यूनियन आफ इण्डिया में पारित आदेश के तहत नगर निगम सीमा के अन्दर चौराहा, सड़क, पटरी, रोड, जंक्शन, सार्वजनिक स्थल पर से होर्डिंग, बोर्ड, बैनर, पोस्टर पर पूर्णत प्रतिबंधित कर दिए जाने के कारण लगे हुए उक्त विज्ञापन पट को हटाने का कार्य करते हुए नए आवंटन पर पूर्णत प्रतिबंध लगाए गए है तथा जिनके द्वारा आदेश की अवहेलना की जा रही है उनके विरूऱ्ध मा0 न्यायालय में बाद दाखिल की जा रही है।